Thursday, September 8, 2011

कहो क्या नाम दूँ तुमको !

कहो क्या नाम दूँ तुमको !

सहर में तुम,शफक़ में तुम
परिंदों की चहक में तुम,
परस्तिस में, इबादत में
सलीके में, नफ़ासत में

लिखावट में, ज़बानी में
मेरी हर इक कहानी में....
तसव्वुर बस तुम्हारा है ।

मेरी साँसें, मेरी धड़कन
ये मेरी रूह का पैराहन
तेरे सदके मेरी जाना
ये इंतेज़ाम सारा है...

मेरी शोहरत, मेरी चाहत
मेरी रुसवाइयां तुम से
मेरी नफ़रत, मेरी तोहमत
मेरी अच्छाईयाँ तुम से

मैं क्या ईनाम दूँ तुमको !
मैं क्या इल्ज़ाम दूँ तुमको !

कहो क्या नाम दूँ तुमको ?

==============================================================

तुम्हारी याद भर से नज़्म…
रक्स करती है काग़ज पर…
तसव्वुर से तुम्हारे,
शेर सब परवाज़ भरते हैं…

तेरे आगोश में सिमटूँ
तो मैं गुलज़ार हो जाऊँ…!

17 comments:

Vandana Singh said...

bahut khoob Ravi ji ...

shikha varshney said...

"मोहब्बत" नाम दे दो :)
बहुत बहुत सुन्दर कविता.

monali said...

Urdu me hath tang hone k chalte poori to nahi... magar jitni bhi samajh aayi.. roohani lagi :)

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

ज़र्रे- ज़र्रे में उसी का नूर है ,
झाँक खुद में वोह न तुझसे दूर है ..
इश्क है उससे तो सब से इश्क कर
इस इबादत का यही दस्तूर है ..
इस में उस में और उस में है वोही
यार मेरा हर तरफ भरपूर है ..
अनुज!! बहुत खूबसूरत बयान है.. मुझे तो कुछ और ही रंग दिखा.. लाली देखन मैं चली, मैं भी हो गयी लाल!!

Dr.Nidhi Tandon said...

कुछ रिश्तों को...लोगों को नाम में नहीं बाँधना चाहिए..वो इनसे ऊपर होते हैं ..जैसे प्यार को प्यार ही रहने दो...कोई नाम ना दो ..
सुन्दर प्रस्तुति !!

संजय @ मो सम कौन ? said...

तू ही तू

होता है अनुज, होता है जब बावरा मन कह उठता है ’जिधर देखूं, उधर तू है’

वन्दना said...

बहुत सुन्दर रचना।

Avinash Chandra said...

:)

रश्मि प्रभा... said...

मेरी साँसें, मेरी धड़कन
ये मेरी रूह का पैराहन
तेरे सदके मेरी जाना
ये इंतेज़ाम सारा है...waah

'साहिल' said...

तुम्हारी याद भर से नज़्म…
रक्स करती है काग़ज पर…
तसव्वुर से तुम्हारे,
शेर सब परवाज़ भरते हैं…

तेरे आगोश में सिमटूँ
तो मैं गुलज़ार हो जाऊँ


वाह! उम्दा नज़्म ! खूबसूरत लफ़्ज़ों में ढली

रूप said...

मेरी शोहरत, मेरी चाहत
मेरी रुसवाइयां तुम से
मेरी नफ़रत, मेरी तोहमत
मेरी अच्छाईयाँ तुम से
सुन्दर प्रस्तुति ! मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है !

Ravi Shankar said...

वन्दना जी…

शिखा दी…

मोनाली जी…

बहुत बहुत धन्यवाद आपको !

Ravi Shankar said...

दाऊ…

:)

नमन !

निधि जी…

धन्यवाद!

हुकुम…

बस स्नेह आपका :)

Ravi Shankar said...

वंदना जी…

अवि प्यारे… :)

रश्मि दी…

सबको नमन !

Ravi Shankar said...

साहिल जी…

रूप जी…

बहुत बहुत धन्यवाद आपको !

संगीता पुरी said...

बहुत बढिया रचना ..

बधाई !!

Amrita Tanmay said...

बेहद खुबसूरत लिखा है |

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